प्रभु मैंने तुम्हें पार किया, तुम मोहे पार करो

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु मैंने तुम्हे पार किया,

तुम मोहे पार करो ॥

दोहा – केवट ने जब प्रभु श्रीराम को,

नाव से नदी के पार किया,

उतराई जब प्रभु देने लगे,

उसने इंकार किया ॥

प्रभु मैंने तुम्हे पार किया,

तुम मोहे पार करो,

अपने चरणों की धूलि से,

अपने चरणों की धूलि से,

मेरा उद्धार करो,

प्रभु मैंने तुम्हें पार किया,

तुम मोहे पार करो ॥

आप तो अंतर्यामी हो प्रभु जी,

मैं गरीब केवट हूँ,

धन धन भाग हमारे है जो,

आपके इतने निकट हूँ,

अपने चरणों में मेरा,

अपने चरणों में मेरा,

वंदन स्वीकार करो,

प्रभु मैंने तुम्हें पार किया,

तुम मोहे पार करो ॥

आप ने कितने दीन दुखी,

पीड़ित को तारा है,

निर्धन असहायों के भी,

तो भाग्य संवारा है,

नहीं चाहिए अन्न धन सोना,

नहीं चाहिए अन्न धन सोना,

बस बेड़ा पार करो,

प्रभु मैंने तुम्हें पार किया,

तुम मोहे पार करो ॥

प्रभु मैंने तुम्हें पार किया,

तुम मोहे पार करो,

अपने चरणों की धूलि से,

अपने चरणों की धूलि से,

मेरा उद्धार करो,

प्रभु मैंने तुम्हें पार किया,

॥ दोहा ॥

तुम मोहे पार करो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।