पितृ गायत्री मंत्र

पारंपरिक
अन्य मंत्र Mantra Pitra Gayatri Mantra
॥ पावन पाठ ॥

ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च ।

नमः स्वाहायै स्वाधायै नित्यमेव नमो नमः ॥

॥ दोहा ॥

ॐ पितृभ्यो नमः ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।