फूलो से अंगना सजाउंगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

फूलो से अंगना सजाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

चन्दन चौकी बिछाऊ

माँ का आसन सजाउं

मै तो माँ को उस पे बिठाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

फूलो से अंगना सजाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

मंगल कलश सजाऊ

गंगा जल भर लाऊ

मै तो माँ के चरण धुलाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

फूलो से अंगना सजाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

केसर रोली लेकर आऊ मै

घिस घिस चन्दन तिलक बनाऊ

मै तो माँ के तिलक लागाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

फूलो से अंगना सजाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

हलवा छोले बनाऊ

मै तो भोग लगाऊ

अपने हाथो से माँ को खिलाऊगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

फूलो से अंगना सजाउंगी

जब मैया मेरे घर आएंगी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।