फूल देई, छम्मा देई - गीत (Phool Dei, Chamma Dei Geet)

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Phool Dei Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

उत्तराखंड के कुमाऊं एवं गढ़वाल में फुलारी बच्चों द्वारा घर की खुशहाली तथा सुख सम्रद्धि के लिए गाया जाने वाला गीत।

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

बार मेना में आ रेचो त्यार

नंतिना अर्ना देहि

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूली बिरुडी आड़ू खुमानी

बुराशी फूली उची दानी

फूली बिरुडी आड़ू खुमानी

बुराशी फूली उची दानी

पेली टायर पंचमी की आलो

लग्लो चेत फागुन झालो

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

चैत को मैण, एक पैट,

चेली को सुर पराण मैत

चैत को मैण, एक पैट,

चेली को सुर पराण मैत

फुल खज़ भेटोली आली

रंगलो लगी गो चे चेट

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

नंदिनो की फुलो की थाई

गा ओमिजी आरे फुलो दीवाई

नंदिनो की फुलो की थाई

गा ओमिजी आरे फुलो दीवाई

छाव भारी थाई हरनेने

हाथ मुझे लेरे गुड के ढी

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

॥ दोहा ॥

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।