पहले ध्यान श्री गणेश का, मोदक भोग लगाओ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पहले ध्यान श्री गणेश का,

मोदक भोग लगाओ,

भक्ति मन से कर लो भक्तो,

भक्ति मन से कर लो भक्तो,

गणपति के गुण गाओ,

पहले ध्यान श्रीं गणेश का ॥

द्वार द्वार घर आसन सब पर,

शुभ प्रभु की है प्रतिमा,

देवो में जो देव पूज्य है,

गणपति की है गरिमा,

मंगल अति सुमंगल है जो,

मंगल अति सुमंगल है जो,

उनको नयन बसाओ,

पहले ध्यान श्रीं गणेश का ॥

आरती स्तुति भजन प्रार्थना,

शंख नाद भी गूंजे,

मंगल जल दर्शन से गणपति,

तन मन सबका भीजे,

सब भक्तो का मंगल कर दो,

सब भक्तो का मंगल कर दो,

मन सब का हरषाओ,

पहले ध्यान श्रीं गणेश का ॥

सब त्यौहार उन्ही से शुभ है,

गणपति का त्यौहारा,

मूषक वाहन श्री गणेश का,

ऐसा देव हमारा,

कीर्तन भजन ‘नारायण’ करते,

कीर्तन भजन ‘नारायण’ करते,

उत्सव आज मनाओ,

पहले ध्यान श्रीं गणेश का ॥

पहले ध्यान श्री गणेश का,

मोदक भोग लगाओ,

भक्ति मन से कर लो भक्तो,

भक्ति मन से कर लो भक्तो,

गणपति के गुण गाओ,

॥ दोहा ॥

पहले ध्यान श्रीं गणेश का ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: पहले ध्यान श्री गणेश का, मोदक भोग लगाओ | Bhajan: Pehle Dhyan Shree Ganesh Ka Modak Bhog Lagao Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।