पत राखो गौरी के लाल, हम तेरी शरण आये

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पत राखो गौरी के लाल,

हम तेरी शरण आये ॥

प्रथमे तुम्हे मनाए,

हे संग्राम विजेता,

पूजा करें तुम्हारी,

है देवन के देवा,

शीश झुकाऊं तुम्हे मनाऊ,

मैं तिलक लगाऊ भाल,

हम तेरी शरण आये,

पत राखों गौरी के लाल,

हम तेरी शरण आये ॥

शंकर पिता तुम्हारे,

शिव शंकर कैलाशी,

रिद्धि सिद्धि के स्वामी,

लंबोदर अविनाशी,

मंगल करदो कंठ में भरदो,

मेरे सुंदर सुर और ताल,

हम तेरी शरण आये,

पत राखों गौरी के लाल,

हम तेरी शरण आये ॥

संकट हर लो मेरे,

ए दुख हरने वाले,

झोली भर दो सबकी,

झोली भरने वाले,

जोश तुम्हारे आया द्वारे,

ले कर फूलो के हार,

हम तेरी शरण आये,

पत राखों गौरी के लाल,

हम तेरी शरण आये ॥

पत राखो गौरी के लाल,

॥ दोहा ॥

हम तेरी शरण आये ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: पत राखो गौरी के लाल, हम तेरी शरण आये | Bhajan: Pat Rakho Gauri Ke Lal Hum Teri Sharan Aaye Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।