परदे में बैठे, यूँ ना मुस्कुराइये

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

परदे में बैठे-बैठे,

यूँ ना मुस्कुराइये,

आ गए तेरे दीवाने,

जरा परदा हटाइए ॥

परदा तेरा हमें नहीं,

मंजूर सांवरे,

बैठा है छुप के दीवानो से,

क्यों दूर सांवरे,

मैं भी तो आया दो कदम,

जरा तुम भी बढ़ाइए,

आगए तेरे दीवाने,

जरा परदा हटाइए ॥

हम चाहने वाले हैं तेरे,

हमे है तुमसे मोहब्बत,

कर दो करम जरा दिखा दो,

अब सांवरी सूरत,

प्यासी निगाहे दीद की,

जरा नजरे मिलाइए,

आ गए तेरे दीवाने,

जरा परदा हटाइए ॥

तेरी इक झलक को प्यारे,

मेरा अब दिल बेकरार है,

दीदार की तमन्ना मुझे अब,

तेरा इंतजार है,

रह-रह के हमें इस तरह,

यूँ न सताइए,

आ गए तेरे दीवाने,

जरा परदा हटाइए ॥

तू ही जिंदगी है बंदगी,

तू ही आरजू हमारी,

अरमान मेरे दिल का करो,

पूरा बांके बिहारी

चित्र विचत्र को अपने प्रेम का,

पागल बनाइये ,

आ गए तेरे दीवाने,

जरा परदा हटाइए ॥

परदे में बैठे-बैठे,

यूँ ना मुस्कुराइये,

आ गए तेरे दीवाने,

॥ दोहा ॥

जरा परदा हटाइए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।