पंडित जसराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Pandit Jasraj Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तगायक | पंडित जसराज

असली नाम - पंडित जसराज

जन्म – 28 जनवरी 1930

जन्म स्थान - पीली मंदोरी, हिसार, पंजाब, ब्रिटिश भारत

निधन - 17 अगस्त 2020 (उम्र 90 वर्ष), न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य अमेरिका

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

कई भाषाओं में गाने - गुजराती, हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, भोजपुरी।

पत्नी - मधुरा पंडित

पिता - पंडित मोतीराम

माँ - कृष्णा बाई

संतान: दुर्गा जसराज, शारंग देव, शारंगदेव पंडित

प्रसिद्ध - गायक, संगीत शिक्षक, तबला वादक

सम्मान - पद्म श्री (1975), पद्म भूषण (1990), पद्म विभूषण (2000)

पंडित जसराज मेवाती घराने से सम्बंधित भारतीय शास्त्रीय गायक थे। उनका संगीत करियर 75 वर्षों तक चला, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि, सम्मान और कई पुरस्कार और प्रशंसाएँ मिलीं।

पंडित जसराज महान फिल्म निर्माता वी. शांताराम के दामाद थे, उन्होंने उनकी बेटी मधुरा से शादी की थी। पंडित जसराज ने शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है। वह एक भारतीय शास्त्रीय गायक हैं जो मेवाती घराने से संबंधित हैं।

उनकी भजन 'ओम नमो भगवते वासुदेवा' अत्यंत मंत्रमुग्ध है। 27 दिसंबर 2023 को, मोदी जी ने जसराज के संगीत समारोह के 50 साल पूरे होने पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

पंडित जसराज | Pandit Jasraj

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।