श्री पंच-तत्व प्रणाम मंत्र

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Shri Krishna Mantra
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्ण चैतन्य नाम धुन संकीर्तन, इस्कान द्वारा मनन करने वाली प्रसिद्ध धुन।

(जय) श्रीकृष्णचैतन्य प्रभु नित्यानंद ।

॥ दोहा ॥

श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्तवृंद ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री पंच-तत्व प्रणाम मंत्र: (जय) श्रीकृष्णचैतन्य प्रभु नित्यानंद । श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्तवृंद ॥ Jaya Sri-Krishna-Chaitanya Prabhu Nityananda, Sri-Advaita Gadadhara Srivasadi-Gaura-Bhakta-Vrinda.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।