पधारे मेरे रघुनन्दन

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रघुपति राघव राजा राम

पतित पावन सीता राम...

मन झूम उठा लागी है लगन

पधारे मेरे रघुनन्दन,

मन झूम उठा लागी है लगन...

बरसो बाद ये शुभ दिन आया-२

शुभ दिन आया ये शुभ दिन आया

शुभ दिन आया...

सीता हनुमत है साथ लखन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

संतो की वाणी लिरिक्स

राम का होगा राज जगत में-२

राज जगत में हां राज जगत में

राज जगत में...

बाट देख रहे थे ये नयन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

सरस्वती माँ वीणा बजाए-२

वीणा बजाए माँ वीणा बजाए

वीणा बजाए...

वीणा बजे माँ का राग यमन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

हाथ में डमरू पांव में घुंघरू-२

पांव में घुंघरू हाथ में डमरू

बांध के घुंघरू...

शिव नाच रहे मस्त मगन

मेरे राम राम...

शिव नाच रहे मस्त मगन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

देवी देवता नाच रहे हैं-२

नाच रहे हैं झूम रहे हैं

नाच रहे हैं...

धरती चांद सितारे ये गगन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

अहोभाग्य है हम दीनों के-२

हम दीनों के हां हम दीनों के

हम दीनों के...

हुए संतो की वाणी जो हरि दर्शन

पधारे मेरे रघुनन्दन,

मन झूम उठा लागी है लगन

पधारे मेरे रघुनन्दन...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।