ॐ नमः शिवाय (पंचाक्षर मंत्र)

यजुर्वेद (श्रीरुद्रम्)
महादेव मंत्र मंत्र शिव
॥ दोहा ॥

ॐ नमः शिवाय॥
शिव ॐ नमः शिवाय, हर हर भोले नमः शिवाय॥

॥ चौपाई ॥

ॐ नमः शिवाय॥

'न' - पृथ्वी तत्व
'म' - जल तत्व
'शि' - अग्नि तत्व
'वा' - वायु तत्व
'य' - आकाश तत्व

यह पंचाक्षर मंत्र पंचमहाभूतों को संतुलित कर अंतःकरण को शुद्ध करता है और महादेव शिव के प्रति पूर्ण समर्पण जगाता है।

॥ दोहा ॥

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भगवान शिव का पंचाक्षर महामंत्र समस्त वेदों का सार है जो चित्त को शांति और परम आनंद में लीन करता है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।