आरती: ॐ जय महावीर प्रभु

पारंपरिक
अन्य आरती Aarti Mahavir Ji Aarti
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय महावीर प्रभु,

स्वामी जय महावीर प्रभो ।

जगनायक सुखदायक,

अति गम्भीर प्रभो ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

कुण्डलपुर में जन्में,

त्रिशला के जाये ।

पिता सिद्धार्थ राजा,

सुर नर हर्षाए ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

दीनानाथ दयानिधि,

हैं मंगलकारी ।

जगहित संयम धारा,

प्रभु परउपकारी ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

पापाचार मिटाया,

सत्पथ दिखलाया ।

दयाधर्म का झण्डा,

जग में लहराया ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

अर्जुनमाली गौतम,

श्री चन्दनबाला ।

पार जगत से बेड़ा,

इनका कर डाला ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

पावन नाम तुम्हारा,

जगतारणहारा ।

निसिदिन जो नर ध्यावे,

कष्ट मिटे सारा ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

करुणासागर! तेरी,

महिमा है न्यारी ।

ज्ञानमुनि गुण गावे,

चरणन बलिहारी ॥

॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

ॐ जय महावीर प्रभु,

स्वामी जय महावीर प्रभो ।

जगनायक सुखदायक,

अति गम्भीर प्रभो ॥

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु | आरती: श्री महावीर भगवान - जय सन्मति देवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।