ओम जय गौरी नंदा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Gauri Nandan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

सूंड सूंडालो नयन विशालो,

कुण्डल झलकंता,

प्रभु कुण्डल झलकंता,

कुमकुम केसर चन्दन,

कुमकुम केसर चन्दन,

सिंदूर बदन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

मुकुट सुगढ़ सोहंता,

मस्तक सोहंता,

प्रभु मस्तक सोहंता,

बईया बाजूबन्दा,

बईया बाजूबन्दा,

ओंची निरखंता,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

मूषक वाहन राजत,

शिव सूत आनंदा,

प्रभु शिव सूत आनंदा,

कहत शिवानन्द स्वामी,

जपत शिवानन्द स्वामी,

मिटत भव फंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

ओम जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥

आरती गणपती की | आओ जी गजानन आओ | श्री सिद्धिविनायक तेरी आरती गाऊं | गणपती बप्पा मोरया | श्री सिद्धिविनायक नमः

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: ओम जय गौरी नंदा | Bhajan: Om Jai Gauri Nanda Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।