हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर (Har Mahadev Aarti: Satya Sanatan Sundar)

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Aarti Shiv Aarti
॥ पावन पाठ ॥

सत्य, सनातन, सुंदर,

शिव! सबके स्वामी ।

अविकारी, अविनाशी,

अज, अंतर्यामी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

आदि अनंत, अनामय,

अकल, कलाधारी ।

अमल, अरूप, अगोचर,

अविचल अघहारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर,

तुम त्रिमूर्तिधारी ।

कर्ता, भर्ता, धर्ता,

तुम ही संहारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

रक्षक, भक्षक, प्रेरक,

तुम औढरदानी ।

साक्षी, परम अकर्ता,

कर्ता अभिमानी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

मणिमय भवन निवासी,

अति भोगी, रागी ।

सदा मसानबिहारी,

योगी वैरागी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

छाल, कपाल, गरल,

गल, मुंडमाल व्याली ।

चिताभस्म तन, त्रिनयन,

अयन महाकाली ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

प्रेत-पिशाच, सुसेवित

पीत जटाधारी ।

विवसन, विकट रूपधर,

रुद्र प्रलयकारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

शुभ्र, सौम्य, सुरसरिधर,

शशिधर, सुखकारी ।

अतिकमनीय, शान्तिकर

शिव मुनि मन हारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

निर्गुण, सगुण, निरंजन,

जगमय नित्य प्रभो ।

कालरूप केवल, हर!

कालातीत विभो ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

सत-चित-आनँद, रसमय,

करुणामय, धाता ।

प्रेम-सुधा-निधि, प्रियतम,

अखिल विश्व-त्राता ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

हम अति दीन, दयामय!

चरण-शरण दीजै ।

सब विधि निर्मल मति,

कर अपना कर लीजै ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।