॥ दोहा ॥
ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे, तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं।
हमरी उलझन, सुलझाओ भगवन, तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥
॥ चौपाई ॥
तुम्हें हमका हो संभाले, तुम्हीं हमरे रखवाले।
चले हम जिस डगरिया, मिले सुख की बदरिया॥
ओ पालनहारे...
जो दयावान हो, तो दया तुम करो।
दूर संकट करो, आस मन में भरो॥
हारे हुए को सहारा दो, डूबते को किनारा दो।
ओ पालनहारे...
सबके स्वामी हो, अंतर्यामी हो।
हम अज्ञानी हैं, तुम ज्ञानी हो॥
दीन-दुखियों की सुन लो पुकार, कर दो नैया हमारी पार।
ओ पालनहारे...
॥ दोहा ॥
प्रभु जी दया करो, मन में शांति भरो।
तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥