ओ मैया पास मेरे रहना, दूर जाना नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Jagdambe Maa Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ओ मैया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं,

सर पे तेरा हाथ हो,

दिल के अरमा यही,

ओ मईया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं ॥

भक्ति ना जानू,

जानू ना पूजा,

इतना ही जानू तुम बिन,

कोई नहीं दूजा,

ओ मैया ढीली ना पड़े,

तेरी ममता की डोर,

सर पे तेरा हाथ हो,

दिल के अरमा यही,

ओ मईया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं ॥

तेरी ही आस मैया,

तेरा ही भरोसा,

दे दे वरदान मुझको,

तू चाहे जैसा,

मैया मर्जी तेरी जैसी,

नहीं मेरा कोई जोर,

सर पे तेरा हाथ हो,

दिल के अरमा यही,

ओ मईया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं ॥

कश्ती हमारी मैया,

तेरे ही हवाले,

इसको किनारे मैया,

तू ही तो लगा दे,

ओ मैया अहसान तेरा,

होगा मुझपे बड़ा,

सर पे तेरा हाथ हो,

दिल के अरमा यही,

ओ मईया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं ॥

ओ मैया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं,

सर पे तेरा हाथ हो,

दिल के अरमा यही,

ओ मईया पास मेरे रहना,

दूर जाना नहीं ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।