हो लाल मेरी पत रखियो बला - दमादम मस्त कलन्दर

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Shri Jhulelal Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ओ हो, हो हो हो

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा

सखी शाह बाज़ कलन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दम दम दे अन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दा पैला नम्बर

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥

चार चराग़ तेरे बरण हमेशा॥ चार चराग़ तेरे...॥

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण

हो पंजवा मैं

पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण

॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥

हिंद सिंद पीरा तेरी नौबत बाजे॥ हिंद सिंद पीरा तेरी...॥

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण

हो नाल बजे

नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण

॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥

॥ हो लाल मेरी पत रखियो बला...॥

ओ हो

हर दम पीरा तेरी ख़ैर होवे॥ हर दम पीरा तेरी...॥

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

हो नाम-ए-अली

नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

॥ सिंदड़ी दा सेवण दा...॥

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा

सखी शाह बाज़ कलन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दम दम दे अन्दर

दमादम मस्त कलन्दर

अली दा पैला नम्बर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।