रोज़ सुबह पनघट पर खेले
बिन रंगों की होली
रोज़ सुबह पनघट पर खेले
बिन रंगों की होली
भीगा मोरा दामन भीगा
भीगा मोरा दामन भीगा
भीगी रे मोरी चोली
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी
संतो की वाणी लिरिक्स
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी
जोर झपट कर मोदी
कलैया मोरी काहे को तूने
मरोरी
लोक लाज सब छोरी
ओ कान्हा काहे काहे करे बर जोरी
सुधबुध मैं सारी खोई
तू न जाने निर्मोही
सब जग जाने हैं
भोली सूरत के पीछे
नट ख़त रहता है कोई
सब पहचानें हैं
फिर भी ना छूटे मोह ये कैसा
फिर भी ना छूटे मोह ये कैसा
प्रीत की कैसी डोरी
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी
प्रेम गली है सांकरी
जा में दो ना समाये
जब मैं थी तब हरी नहीं
जब हरि हैं मैं नहीं
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी
हे कान्हा रे तूने
काहे गगरिया फोरी
काहे तू ऐसे
काहे करे बर जोरी