ओ बाबा नीम करोली

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Ansh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सीधा साधा भोला भाला, छोटा सा एक बालक,

सीधा साधा भोला भाला, छोटा सा एक बालक,

जाने कैसे बन गया वो, राम जी का साधक,

जाने कैसे बन गया वो, राम जी का साधक,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

संतो की वाणी लिरिक्स

भूखे को भोजन वो देता, मन की बाते पढ़ लेता,

भूखे को भोजन वो देता, मन की बाते पढ़ लेता,

जो भी जाए उसके शरण में, संकट उसका हर लेता,

जो भी जाए उसके शरण में, संकट उसका हर लेता,

लीला उसकी बड़ी निराली, लीला उसकी बड़ी निराली,

और महिमा है अपरम्पार,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ना पैसे का मोह उसको, ना धन की कोई चाह,

ना पैसे का मोह उसको, ना धन की कोई चाह,

एक हाथ में ले के कमण्डल, चल दिया धर्म की राह,

एक हाथ में ले के कमण्डल, चल दिया धर्म की राह,

राम को दिल में बसा लिया, राम को दिल में बसा लिया,

और छोड़ दिया घर बार,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ना किसी से कोई रिश्ता, ना किसी से नाता,

ना किसी से कोई रिश्ता, ना किसी से नाता,

राम जी से जोड़ा उसने, जनम जनम का नाता,

राम जी से जोड़ा उसने, जनम जनम का नाता,

राम ही उसके स्वामी है, राम ही उसके स्वामी है,

और राम ही भाग्य विधाता,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

हनुमान सी भक्ति उसकी, वो तो हनुमान का अंश,

हनुमान सी भक्ति उसकी, वो तो हनुमान का अंश,

उसके दिल में बसा हुआ है, सीता राम का अंश,

उसके दिल में बसा हुआ है, सीता राम का अंश,

राम का वो तो सच्चा सेवक, राम का वो तो सच्चा सेवक,

और राम का परम भक्त,

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली,

॥ दोहा ॥

ओ बाबा नीम करोली, ओ बाबा नीम करोली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।