नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नौरता की रात मैया,

गरबे रमवा आणो है,

थाने वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥

साथी सहेलियां,

मईया जोवे थारी बाट,

मईया जी थाने आवणो,

माथा पे हो टीका,

काना में हो झुमका,

सज ने थाणे आवणो,

नौरता की रात मईया,

गरबे रमवा आणो है,

थाणे वादे निभाणो है,

नौरता की रात ॥

हाथा में हो चुडलो,

पावा में हो पायल,

हो छम छम करती आवणो,

सर पे हो चुनरिया,

लाले हो रंग री,

घुंगटा में थाणे आवणो,

नौरता की रात मईया,

गरबे रमवा आणो है,

थाणे वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥

नौरता की रात मैया,

गरबे रमवा आणो है,

थाने वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।