॥ दोहा ॥
हाथ में लाल निशान लिए, पग में घुंघरू बाँध।
खाटू वाले के द्वार पे, नाचेंगे निर्द्वंद्व॥
॥ चौपाई ॥
निशान उठा के खाटू नगरी जाएंगे।
बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाएंगे॥
निशान उठा के खाटू नगरी जाएंगे॥
रींगस से पैदल चल कर, जयकारा लगाएंगे।
श्याम नाम की मस्ती में, हम झूम झूम जाएंगे॥
तोरण द्वार पे जाके बाबा, तुझको रिझाएंगे।
निशान उठा के खाटू नगरी जाएंगे॥
कन्हैया मित्तल संग में सारे, गाओ श्याम भजन।
कट जाएंगे पल में सारे, संकट और उलझन॥
॥ दोहा ॥
रींगस का पावन मार्ग, खाटू का धाम महान।
कन्हैया मित्तल गावती, जय जय कृपा निधान॥