निर्धन कहे धनवान सुखी

संत तुलसीदास
विष्णु भगवान भजन Bhajan Arya Samaj Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दीन कहे धनवान सुखी

धनवान कहे सुख राजा को भारी ।

राजा कहे महाराजा सुखी

महाराजा कहे सुख इंद्र को भारी ।

इंद्र कहे चतुरानन को सुख

ब्रह्मा कहे सुख विष्णु को भारी ।

तुलसीदास विचार कहे

हरि भजन विना सब जीव दुखारी ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।