नीब करौरी बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Neeb Karoli Baba Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | नीब करौरी बाबा

अपभ्रंश नाम - नीम करोली बाबा

वास्तविक नाम - लक्ष्मी नारायण शर्मा

आराध्य - श्री हनुमान जी

जन्म स्थान - अकबरपुर जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश, भारत

जन्म - मार्गशीर्ष शुक्ला अष्टमी

मृत्यु - 11 सितंबर 1973 को वृंदावन, उत्तर प्रदेश, भारत [अनंत चतुर्दशी]

पिता - श्री दुर्गा प्रसाद शर्मा

प्रसिद्ध मंदिर - कैंची धाम

❀ नीब करोली का अर्थ है मजबूत नींव।

नीम करोली बाबा, एक हिंदू गुरु और हिंदू देवता हनुमान के भक्त थे और अपने अनुयायियों के बिच महाराज-जी के नाम से जाने जाते थे। उनके विदेशी भक्तों में उनका नाम अधिक प्रचलित है। 60 और 70 के दशक में भारत आने वाले कई अमेरिकियों के लिए उन्हें एक संरक्षक के रूप में जाना जाता है। उनके आश्रम कैंची, वृंदावन, ऋषिकेश, शिमला, फर्रुखाबाद में खिमासेपुर के पास नीम करोली गांव, भारत में भूमिआधार, हनुमानगढ़ी, दिल्ली और ताओस, न्यू मैक्सिको, अमेरिका में हैं।

बाबा ने अपने जीवन में लगभग 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण करवाया। माना जाता है कि बाबा नीब करोड़ी ने हनुमान जी की पूजा कर कई चमत्कारी सिद्धियां हासिल कीं। उनके अनुयायियों ने सेवा फाउंडेशन की स्थापना की, जो नीम करोली बाबा की शिक्षाओं को अंधत्व की रोकथाम और उपचार के लिए लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नीम करोली बाबा आजीवन भक्ति योग के अनुयायी थे, और उन्होंने दूसरों की सेवा को भगवान की बिना शर्त भक्ति के उच्चतम रूप के रूप में प्रोत्साहित किया।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भक्तमाल | नीब करौरी बाबा | अपभ्रंश नाम - नीम करोली बाबा | वास्तविक नाम - लक्ष्मी नारायण शर्मा | आराध्य - श्री हनुमान जी Bhaktamal | Neeb Karoli Baba | Also Know as - Neem Karoli Baba | Real Name - Lakshmi Narayan Sharma | Aaradhya - Shri Hanuman Ji

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।