नरेंद्र चंचल

पारंपरिक
माता दुर्गा संत साहित्य Bhakt Narendra Chanchal Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तगायक | नरेंद्र चंचल

असली नाम - नरेंद्र खरबंदा

जन्म – 16 अक्टूबर 1940

जन्म स्थान - अमृतसर, पंजाब, ब्रिटिश भारत

निधन - 22 जनवरी 2021

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

कई भाषाओं में गाने - पंजाबी, हिंदी

पत्नी - नम्रता चंचल

व्यवसाय - भजन गायक

सम्मान - राज कपूर मेमोरियल पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार

नरेंद्र चंचल एक भारतीय गायक थे जो धार्मिक गीतों और भजनों में माहिर थे। वह इतिहास में कई प्रतिष्ठित भजनों और हिंदी फिल्मी गीतों के गायक थे। नरेंद्र चंचल संगीत की दुनिया में एक जाना-माना नाम थे और वह जगह-जगह माता का जगराता करते थे।

उनका पालन-पोषण धार्मिक माहौल में हुआ था, जिसने उन्हें भजन और आरती गाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने भक्ति गीतों की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। वह हर साल 29 दिसंबर को कटरा वैष्णो देवी जाते थे और साल के आखिरी दिन प्रदर्शन करते थे।

नरेंद्र चंचल द्वारा गाए गए कुछ लोकप्रिय हिंदू भक्ति गीतों में शामिल हैं: चलो बुलावा आया है, तूने मुझे बुलाया शेरावालिये, अम्बे तू है जगदम्बे काली, हनुमान चालीसा, संकट मोचन नाम तिहारो, राम से बड़ा राम का नाम आदि।

नरेंद्र चंचल के कुछ प्रसिद्ध भजन, आरती, मंत्र:

नंगे नंगे पाँव चल आ गया री: नवरात्रि भजन - Nange Nange Paon Chal Aagaya Ri

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा - भजन - Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

भगतो को दर्शन दे गयी रे - भजन - Bhagton Ko Darshan De Gayi Re Ek Choti Si Kanya)

माँ! मुझे तेरी जरूरत है - भजन - Maa! Mujhe Teri Jarurat Hai

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

नरेंद्र चंचल | Narendra Chanchal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।