नारायणी शरणम्

संत सूरदास
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नारायणी शरणम

दोहा – माँ से भक्ति है,

माँ से शक्ति है,

माँ से मुक्ति है,

करता जो माँ का सुमिरन,

होता सफल ये जीवन ॥

नारायणी शरणम,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

अष्टभुजंग है दुर्गा स्वरूपिनी,

तेज है सौ सूर्यों सा,

चंदा सी शीतल ज्ञान शारदे,

पावन ज्यूँ गंगा जल,

देव करे वंदन,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

माँ की ज्योत में है वो शक्ति,

पत्थर बनते मोती,

पापी से भी हर पापी को ये,

मैया ही है उबारती,

होता सफल हर जनम,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

झुँझन में माँ बैठ सिंहासन,

सबके कष्ट मिटाती,

बड़ी दयालु राणी सती माँ,

सबपे खुशियां लुटाती,

माँ का करो सुमिरन,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

मिलता सुकून माँ तेरे आँचल में,

सुख तेरे चरणन में,

‘निर्मल’ है जो भी आज वो मैया,

सब तेरे ही करम से,

गाउँ मैं गुण हरदम,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

नारायणी शरणम,

नारायणी शरणम्,

नारायणी शरणम् ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।