श्री नृसिंह मंत्र

पारंपरिक
विष्णु भगवान मंत्र Mantra Shri Nrisimha Mantra
॥ पावन पाठ ॥

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं

ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् ।

नृसिंहं भीषणं भद्रं

मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥

भावार्थ:

ॐ हे क्रुद्ध एवं शूर-वीर महाविष्णु, आपकी ज्वाला एवं ताप चारों दिशाओं में फैली हुई है।

हे नरसिंहदेव प्रभु, आपका चेहरा सर्वव्यापी है, तुम मृत्यु के भी यम हो और मैं आपके समक्ष आत्मसमर्पण करता हूँ।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।