नृसिंह भगवान आरती

पारंपरिक
महादेव आरती Aarti Shri Narasimha Aarti
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय नरसिंह हरे,

प्रभु जय नरसिंह हरे ।

स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,

स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,

जनका ताप हरे ॥

ॐ जय नरसिंह हरे ॥

तुम हो दिन दयाला,

भक्तन हितकारी,

प्रभु भक्तन हितकारी ।

अद्भुत रूप बनाकर,

अद्भुत रूप बनाकर,

प्रकटे भय हारी ॥

ॐ जय नरसिंह हरे ॥

सबके ह्रदय विदारण,

दुस्यु जियो मारी,

प्रभु दुस्यु जियो मारी ।

दास जान आपनायो,

दास जान आपनायो,

जनपर कृपा करी ॥

ॐ जय नरसिंह हरे ॥

ब्रह्मा करत आरती,

माला पहिनावे,

प्रभु माला पहिनावे ।

शिवजी जय जय कहकर,

पुष्पन बरसावे ॥

ॐ जय नरसिंह हरे ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।