नृसिंह आरती ISKCON

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Aarti Shri Narasimha Aarti
॥ पावन पाठ ॥

नमस्ते नरसिंहाय

प्रह्लादाह्लाद-दायिने

हिरण्यकशिपोर्वक्षः-

शिला-टङ्क-नखालये

इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो

यतो यतो यामि ततो नृसिंहः

बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो

नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये

तव करकमलवरे नखमद्भुत-शृङ्गं

दलितहिरण्यकशिपुतनुभृङ्गम्

केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे ।

* नृसिंह आरती की अंतिम तीन पंक्तियाँ श्री दशावतार स्तोत्र से उद्धृत की गईं हैं।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।