नमो नमोः श्री बापूसा

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Shree Bapusa Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है

बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है

कलयुग के देव करते चमत्कार है

चारो ओर हो रही इनकी जयकार है

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

हाथ जोड़ करें तेरी, हम सब वंदना

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

मानव बनके जो, इस धरा पे आये

माँ सच्चीया इनको,अपनी गोद बिठाये

माँ तेजाजी पिता श्री पुनम चंद है

बीदासर जन्म लिया, शेखानी कुल उजियारे

लेके अवतार आये, करने उधार आये

भक्तो के है ये पालनहारे

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

माघ सुदी अस्टमी को, ये जन्म पाये

अषाढ़ अस्टमी को देव रूप मे आये

वैशाख सुदी ग्यारस को निर्वाण पाये

पुष्प वृस्टी अंबर से, देवगण कराये

आज भी है पर्चा, चारो ओर चर्चा

हो रही सारे संसार मे

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

संतो की वाणी लिरिक्स

शिश पे मुकुट सोहे, कर मे गदा प्यारी

रूप अनूप जिनका, लीले की सवारी

बापूसा के रूप मे, श्री मनीषा बाईसा

प्यार देती भक्तो को, हरती विपदा सारी

साँचा ये धाम है , होता हर काम है

दिलबर जो भी आता इनके द्वार

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है

बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

नमो नमो श्री बापुसा, नमो नमो श्री बापुसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।