नमो नमो हे भोले शंकरा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैंने पाया नशा है,

मेरा बस तुझमे,

मेरे भोले मेरे भोले,

छोड़ चिंता मिली हूँ,

मैं तो बस तुझमे,

मेरे भोले मेरे भोले,

नमो नमो हे भोले शंकरा,

शंकरा भोले शंकरा ॥

मैंने शंखो से अर्जी है भेजी तुझे,

पूरी मस्ती में डूबी मैं पूजूँ तुझे,

तूने बरसाई गंगा यहाँ सब पे,

रोज दर्शन किया है,

तेरा मैंने मुझमे,

नमो नमो हे भोलें शंकरा,

शंकरा भोले शंकरा ॥

डमरू पे ये नाचे मन ऐसे,

मिल जाता हूँ मुझसे मैं जैसे,

शिव तेरे है रंग हजारों,

एक रंग मैं देखूं कैसे,

मेरी किस्मत का चंदा,

है तेरे सर पे,

मेरे भोले मेरे भोले,

नमो नमो हे भोलें शंकरा,

शंकरा भोले शंकरा ॥

मैंने पाया नशा है,

मेरा बस तुझमे,

मेरे भोले मेरे भोले,

छोड़ चिंता मिली हूँ,

मैं तो बस तुझमे,

मेरे भोले मेरे भोले,

नमो नमो हे भोले शंकरा,

॥ दोहा ॥

शंकरा भोले शंकरा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।