नमामि श्री गणराज दयाल

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shri Ganesh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नमामि श्री गणराज दयाल,

करत हो भक्तन का प्रतिपाल,

नमामि श्री गणराज दयाल।

निशिदिन ध्यान धरे जो प्राणी,

हरे सकल भव जाल,

जन्म-मरन से होत निराला,

नहीं लगती कर माल,

॥ नमामि श्री गणराज दयाल...॥

लंबोदर गज-वदन मनोहर,

गले फूलों की माल,

ऋद्धि-सिद्धि चमाल धूलावें,

शोभत से दूर हार,

॥ नमामि श्री गणराज दयाल...॥

मूषक वाहन त्रिशूल परेशुधार,

चंदन झलक विशाल,

ब्रह्मादिक सब ध्यावत तुम को,

अर्जी तुकरया बाल,

॥ नमामि श्री गणराज दयाल...॥

नमामि श्री गणराज दयाल,

करत हो भक्तन का प्रतिपाल,

नमामि श्री गणराज दयाल।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।