हाय नजर ना लग जाये

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,

ओ मीठे मीठे बैनन के तू

साँवरी सलोनी सूरत के तू ,

ओ प्यारी प्यारी मूरत के तू ।

ओ कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,

हाय नजर ना लग जाये,

बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,

हाय नजर ना लग जाये ॥

काजल की कोरे - ओय होय होय,

मेरा जिगर मरोड़े - ओय होय होय,

रंग रस में भोरे - ओय होय होय,

मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,

हाय नजर ना लग जाये ॥

आँखों का काजल - ओय होय होय,

मेरा जिगर है घायल - ओय होय होय,

तेरे प्यार में पागल - ओय होय होय,

कर डारि रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,

हाय नजर ना लग जाये ॥

तेरे मुकुट की लटकन - ओय होय होय,

तेरे अधर की मुस्कन - ओय होय होय,

गिरवह की मटकन - ओय होय होय,

बलिहारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,

हाय नजर ना लग जाये ॥

तेरी प्रीत है टेडी - ओय होय होय,

तेरी रीत है टेडी - ओय होय होय,

तेरी जीत है टेडी - ओय होय होय,

मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन

हाय नजर ना लग जाये ॥

बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन

हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय

ओय नजर ना लग जाये - ओय होए होय

हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।