नाम ना मुख से छूटे, बजरंगी तुम्हारा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नाम ना मुख से छूटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा,

हम है तेरे पुजारी हनुमत,

तू ही इष्ट हमारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा ॥

तेरे चरण की धूलि,

मस्तक सदा लगाए,

तेरे सुमिरण में सदा,

हम सच्चा सुख पाएं,

तेरी याद में हम खोए है,

सारा जगत बिसारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा ॥

अंजनी माँ के लाला,

शंकर के अवतारी,

तेरी महिमा देख के,

झुकती दुनिया सारी,

तेरी पताका जब लहराए,

झूम उठे जग सारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा ॥

तेरी याद में रहते,

निशदिन खोए खोए,

तेरी कृपा हो जाए,

कभी भी दुःख ना होवे,

तेरे बिन दुनिया में केवल,

कोई नहीं हमारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा ॥

तेरी भक्ति जो करे,

मिट जाते अंधियारे,

हम पर किरपा कीजिये,

थामे चरण तुम्हारे,

मन मंदिर में तुम्ही बिराजे,

केवल तुम्हे पुकारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा ॥

नाम ना मुख से छूटे,

बजरंगी तुम्हारा,

बजरंगी तुम्हारा,

हम है तेरे पुजारी हनुमत,

तू ही इष्ट हमारा,

नाम ना मुख से छुटे,

बजरंगी तुम्हारा,

॥ दोहा ॥

बजरंगी तुम्हारा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।