नाम है तेरा तारण हारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नाम है तेरा तारण हारा,

कब तेरा दर्शन होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा ।

तुमने तारे लाखों प्राणी,

ये संतो की वाणी है,

तेरी छवि पर वो मेरे भगवन,

ये दुनिया दीवानी है,

भाव से तेरी पूजा रचाऊं,

जीवन में मंगल होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

वो कितना सुंदर होगा ।

सुरवर मुनिवर जिनके चरणे,

निशदिन शीश झुकाते है,

जो गाते है प्रभु की महिमा,

वो सब कुछ पा जाते है,

अपने कष्ट मिटाने को तेरे,

चरणों का वंदन होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

वो कितना सुंदर होगा ।

मन की मुरादें लेकर स्वामी,

तेरे चरण में आए है,

हम है बालक तेरे चरण में,

तेरे ही गुण गाते है,

भव से पार उतरने को तेरे,

गीतो का संगम होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

वो कितना सुंदर होगा ।

ऐसी दया कर देना दाता,

निश्छल गुजरे ये जीवन,

रंग लगे नहीं कपट झूठ का,

हो पावन मेरा तन मन,

सेवा में तेरी ओ मेरे स्वामी,

भक्तिभाव अर्पण होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

वो कितना सुंदर होगा ।

नाम है तेरा तारण हारा,

कब तेरा दर्शन होगा,

जिनकी प्रतिमा इतनी सुंदर,

वो कितना सुंदर होगा,

वो कितना सुंदर होगा ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।