मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥

श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये

क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए

श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये

क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए

क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए

मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे

मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥

श्याम बिना मेरा जीवन सूना

खाली दिल का हर एक कोना

श्याम बिना मेरा जीवन सूना

खाली दिल का हर एक कोना

खाली दिल का हर एक कोना

सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे

सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥

श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो

साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो

श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो

साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो

साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो

अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले

अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे

॥ दोहा ॥

मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।