मुझे अपनी शरण में ले लो राम

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम!

लोचन मन में जगह न हो तो

जुगल चरण में ले लो राम, ले लो राम!

जीवन देके जाल बिछाया

रच के माया नाच नचया

चिन्ता मेरी तभी मिटेगी

जब चिन्तन में ले लो राम, ले लो राम!

मुझे अपनी शरण में ले लो राम!

तू ने लाखोँ पापी तारे

मेरी बारी बाजी हारे, बाजी हारे

मेरे पास न पुण्य की पूँजी

पद पूजन में ले लो राम, ले लो राम!

मुझे अपनी शरण में ले लो राम!

राम हे राम, राम हे राम

दर दर भटकूँ घर घर अटकूँ

कहाँ कहाँ अपना सर पटकूँ

इस जीवन में मिलो न तुम तो राम, हे राम!

इस जीवन में मिलो न तुम तो,

मुझे मरण में ले लो राम, ले लो राम!

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम!

लोचन मन में जगह न हो तो

जुगल चरण में ले लो राम, ले लो राम!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।