मुझे अपना बनालों

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बिगडी मेरी बात बनादों,

डूबति नैय्या पार लगादों,

अपने दर पे मुझको बुलालो,

बाबा मेरे, हो मुझे अपना बनालों

लाखो की तेरे दर पर किस्मत बदल गई,

कितनों की जिन्द‌गी तेरे दर परसवर गई ।

थोड़ी सी भक्ति तेरी अजब काम कर गई,

तस्वीर तेरी बाबा है, निगाहमे बस गई,

मुझे अपना बनालो

जिन पर भी हुई किरपा वो निहाल हो गया,

तेरी दया से वोतो माला माल हो गया,

झोलियो को बाबा तुमने खजानो से भर दिया,

दुनियाँ है कहती कैसा ये कमाल हो गया,

मुझे अपना बना लो

अविछिन्न जोत भक्ति की दिल में जलाऊगा,

कदमों की धूल तेरी, सर पे लगाऊगा,

चौखट को तेरी छोड कही भीना जाऊगा,

भगवान है, तु मेरा गुण तेरा में गाउगा,

बस मुझे अपना बनालों

[Santo Ki Vani Lyrics]

Singer: Shivaji Patil 8819041006

Lyricist: Saligram Patil

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।