मोरे गणपति गणेश करों किरपा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ दोहा ॥

मोरे गणपति गणेश करो किरपा ॥

॥ चौपाई ॥

दोहा – मेरा मुझ में कुछ नहीं,

जो कुछ है सब तोय,

तेरा तुझको सौंप दूँ,

प्रभु क्या लागे है मोय ॥

मोरे गणपति गणेश करो किरपा,

मोरे राजा महाराजा करो किरपा,

किरपा करो महाराज गजानन,

माँ गौरा के लाल,

गजानन किरपा,

मोरे गणपति गणेश करों किरपा

मोरे राजा महाराजा करो किरपा ॥

माँ गौरा के लाल हो प्यारे,

शंकर जी की आंखों के तारे,

सबसे पहले तुम को मनाएं,

तुम जो मानो तो गजब हुई जाए,

करो किरपा,

मोरे गणपति गणेश करों किरपा,

मोरे राजा महाराजा करो किरपा ॥

लाल सिंदूर चढ़े गजमुख को,

मूषक की है सवारी,

तेरे दर्शन करने बाबा,

ये दुनिया सब आई,

सब लाए फूलों की माला,

सब लाए फूलों की माला,

मैं आया हूँ खाली बाबा मेरे,

करो किरपा,

मोरे गणपति गणेश करों किरपा,

मोरे राजा महाराजा करो किरपा ॥

मैं नहीं जानू पूजा तेरी,

सुन लेना ओ बाबा मेरी,

बार ही बार करूँ मैं विनती,

सुन लेना एक बार ओ बाबा मेरी,

करो किरपा,

मोरे गणपति गणेश करों किरपा,

मोरे राजा महाराजा करो किरपा ॥

मोरे गणपति गणेश करों किरपा,

मोरे राजा महाराजा करो किरपा,

किरपा करो महाराज गजानन,

माँ गौरा के लाल,

गजानन किरपा,

मोरे गणपति गणेश करों किरपा

॥ दोहा ॥

मोरे राजा महाराजा करो किरपा ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: मोरे गणपति गणेश करों किरपा | Bhajan: More Ganpati Ganesh Karo Kirpa Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।