म्हारा कीर्तन में रस बरसाओ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Vinayak Chaturthi Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ ॥

श्लोक – सदा भवानी दाहिनी,

सनमुख रहे गणेश,

पांच देव रक्षा करे,

ब्रम्हा विष्णु महेश ॥

म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ ॥

ॐ गण गणपतये नमो नमः

श्री सिद्धिविनायक नमो नमः

अष्टविनायक नमो नमः

गणपती बप्पा मोरया ॥

रणत भंवर से आओ जी गजानन,

रणत भंवर से आओ जी गजानन,

रिद्धि सिद्धि ने संग प्रभु लाओ,

आओ जी गजानन आओ ॥

ॐ गण गणपतये नमो नमः,

श्री सिद्धिविनायक नमो नमः,

अष्टविनायक नमो नमः,

गणपती बप्पा मोरया ॥

पार्वती के पुत्र गजानन,

पार्वती के पुत्र गजानन,

भोले शंकर के मन भाओ

आओ जी गजानन आओ ॥

ॐ गण गणपतये नमो नमः

श्री सिद्धिविनायक नमो नमः

अष्टविनायक नमो नमः

गणपती बप्पा मोरया ॥

हर बुधवार देवा पूजा तुम्हारी,

हर बुधवार देवा पूजा तुम्हारी,

थारे मौदक भोग लगावा,

आओ जी गजानन आओ ॥

ॐ गण गणपतये नमो नमः

श्री सिद्धिविनायक नमो नमः

अष्टविनायक नमो नमः

गणपती बप्पा मोरया ॥

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

हर्ष हर्ष गुण गाओ गुण गाओ,

आओ जी गजानन आओ ॥

ॐ गण गणपतये नमो नमः

श्री सिद्धिविनायक नमो नमः

अष्टविनायक नमो नमः

गणपती बप्पा मोरया ॥

म्हारा कीर्तन में रस बरसाओ,

आओ जी गजानन आओ ॥

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सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: म्हारा कीर्तन में रस बरसाओ | Bhajan: Mhara Kirtan Mein Ras Barsao Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।