मेरिया कृष्णा ओ मन बड़ा पापी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Radha Krishna Bhajan
॥ दोहा ॥

मेरिया, कृष्णा, ओ मन, बड़ा पापी ॥

॥ चौपाई ॥

मन, बड़ा पापी, ओ मन, बड़ा पापी ॥

मेरिया, कृष्णा, ओ मन, बड़ा...

घर घर, जांदे ओ श्यामा, माखण चुरांदे हो ॥

मेरी तां, मटकी ओ श्यामा, छिक्के उत्ते लटकी ॥

मेरिया, कृष्णा, ओ मन, बड़ा...

संतो की वाणी लिरिक्स

सभनां दियां, गऊआं श्यामा, आप चढ़ांउदे हो ॥

मेरीआं तां, गऊआं श्यामा, वन वन भटकी ॥

मेरिया, कृष्णा, ओ मन, बड़ा...

सभनां दियां, बेड़ियां श्यामा, पार लगांउदे ॥

मेरी तां, बेड़ी ओ श्यामा, विचों विच अटकी ॥

मेरिया, कृष्णा, ओ मन, बड़ा...

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

मेरिया कृष्णा ओ मन बड़ा पापी | Meriya Krishna O Mann Bada Papi

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।