मेरी वैष्णो मैया, तेरी महिमा अपरम्पार

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरी वैष्णो मैया,

तेरी महिमा अपरम्पार,

कलियुग में हर प्राणी के,

कलियुग में हर प्राणी के,

पापो का करो उद्धार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

हर एक प्राणी परलोक सवारे,

तेरे चरण में अपने पाप उतारे,

हर एक प्राणी परलोक सवारे,

तेरे चरण में अपने पाप उतारे,

करुणामई तू सबके पापो,

का करती संहार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

ध्यानु भगत माँ तेरा गुण गाया,

तूने प्रेम अपना सारे भक्तो पे लूटाया,

ध्यानु भगत माँ तेरा गुण गाया,

श्रीधर सेवक को तूने गले से लगाया,

धन्य है तेरी कृपा मैया,

धन्य है तेरा प्यार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

उँचे पहाड़ा बैठी वैष्णो भवानी,

कठिन चढ़ाई चढ़के आए कल्याणी,

उँचे पहाड़ा बैठी वैष्णो भवानी,

कठिन चढ़ाई चढ़के आए कल्याणी,

तेरे दर्शन मात्र से मैया,

सुख पाए संसार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

ज्ञान जगा दो अब तो हम सबका माँ,

कायम रख सके भक्त की गरिमा,

ज्ञान जगा दो अब तो हम सबका माँ,

कायम रख सके भक्त की गरिमा,

‘देवेंद्र’ ‘कैलाश’ की माँ है,

हृदय से ये पुकार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

मेरी वैष्णो मैया,

तेरी महिमा अपरम्पार,

कलियुग में हर प्राणी के,

कलियुग में हर प्राणी के,

पापो का करो उद्धार,

मेरी वैष्णो मईया,

तेरी महिमा अपरम्पार ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।