मेरी सुनकर करुण पुकार भवानी आएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरी सुनकर करुण पुकार,

भवानी आएगी,

आएगी माँ आएगी,

अपना मुझे बनाएगी,

मुझे पूरा है विश्वास,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

जितना भी बेहाल रहूं मैं,

क्यों दूजे के हाल कहूँ मैं,

बरसेगी प्रेम फुहार,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

झूठे मीत सखा और नाते,

दर्द है दिल का दर्द बढ़ाते,

मुझे करने सच्चा प्यार,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

नैनो की भाषा वो जाने,

मै उसे जानु वो मुझे जाने,

बरसेगी प्रेम फुहार,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

प्रीत की रीत निभाती आई,

भक्तो की लाज बचाती आई,

तू मन में धीरज धार,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

मेरी सुनकर करुण पुकार,

भवानी आएगी,

आएगी माँ आएगी,

अपना मुझे बनाएगी,

मुझे पूरा है विश्वास,

भवानी आएगी,

मेरी सुनकर करुंण पुकार,

भवानी आएगी ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।