अर्जी मेरी चौखट पे, मर्जी तिहारी श्याम।
जो चाहो सो कीजियो, पूर्ण होवे काम॥
मेरी सुन ले अर्जी श्याम सांवरे, मैं शरण तिहारी आया।
तेरे दर के सिवा कहीं ना, मैंने सच्चा सुख पाया॥
मेरी सुन ले अर्जी श्याम सांवरे॥
मन की व्यथा मैं किसको बताऊँ, तेरे सिवा किसको दिखाऊँ।
तू अंतर्यामी सब कुछ जाने, हर दिल की तू बात पहचाने॥
मेरी भी विपदा दूर हटा दे, बिगड़ा नसीब जगा दे॥
मेरी सुन ले अर्जी श्याम सांवरे॥
खाटू में बैठा सुनता सबकी, दूर करता परेशानी जग की।
मैं भी तो बालक तेरा हूँ, तेरे चरणों का दास बना हूँ॥
अपनी कृपा की छाया दे दो, अमृत रस बरसाया दे दो॥
मेरी सुन ले अर्जी श्याम सांवरे॥
संजय मित्तल गाए वंदना, खाटू के सांवरिया की।
सदा सलामत रहे ये चौखट, मेरे खाटू वाले की॥
मेरी सुन ले अर्जी श्याम सांवरे, मैं शरण तिहारी आया॥
अर्जी स्वीकार करो प्रभु, राखो अपनी ओट।
संजय मित्तल विनवे, लागे ना कोई चोट॥