लाज तिहारे हाथ है, तुम हो लाज निधान।
शरण तिहारी आ पड़ा, राखो पत भगवान॥
मेरी लाज रखना मेरे श्याम सांवरे, लाज रखना मेरे श्याम सांवरे।
तेरे सिवा जग में कोई ना मेरा, हाथ पकड़ना मेरे श्याम सांवरे॥
मेरी लाज रखना॥
द्रौपदी की जैसे तूने लाज बचाई, गज की पुकार सुन नंगे पाँव धाई।
मेरी भी नैया किनारे लगा दे, दुख दर्द सारे मेरे तू मिटा दे॥
हाथ पकड़ना मेरे श्याम सांवरे, मेरी लाज रखना॥
कदम कदम पर ठोकरें खाईं, इस जग से मैंने चोट समाई।
आया हूँ तेरे द्वारे भवानी, सुन ले मेरे खाटू के दानी॥
कृपा की दृष्टि मुझपे भी डालो, अपने इस बालक को गले से लगा लो॥
मेरी लाज रखना मेरे श्याम सांवरे॥
संजय मित्तल गाए करुण पुकार, सुन ले ओ खाटू के सरकार।
तेरे भरोसे जीवन की नैया, पार लगाओ हे मुरलिया कन्हैया॥
मेरी लाज रखना मेरे श्याम सांवरे॥
भक्त की लाज बचाई सदा, दीनानाथ दयाल।
संजय मित्तल के हृदय में, बसो श्याम गोपाल॥