मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे तन में भी राम,

मेरे मन में भी राम,

रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे चंदा में राम,

जैसे सूरज में राम,

अम्बर तारों में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे भीलनी के राम,

जैसे मीरा के श्याम,

नर नारी में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे सीता के राम,

जैसे राधा के श्याम,

पत्ते पत्ते में समाया तेरा नाम रे,

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

मेरे तन में भी राम,

मेरे मन में भी राम,

रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,

॥ दोहा ॥

मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।