मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी, मैया आएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी,

मैया आएगी,

ओ मैया आएगी मेरी,

मैया आएगी,

खुशियों से झोली आज मेरी,

भर जाएगी मैया आएगी ॥

मैं तो फूलों से अंगना सजाऊंगी,

पलको पर माँ को बिठाउंगी,

सोई किस्मत आज मेरी जग जाएगी,

मैया आएगी,

ओ मैया आएगी मेरी,

मैया आएगी,

खुशियों से झोली आज मेरी,

भर जाएगी मैया आएगी ॥

माँ के हाथों में मेहंदी रचाऊंगी,

मां को लाल लाल चुनरी ओढ़ाउंगी,

ओढ़ चुनरी भवानी खुश हो जाएगी,

मैया आएगी,

ओ मैया आएगी मेरी,

मैया आएगी,

खुशियों से झोली आज मेरी,

भर जाएगी मैया आएगी ॥

असुवन से मैं चरण पखारूंगी,

जी भर कर माँ को निहारूंगी,

‘सौरभ मधुकर’ माँ नहीं रुक पाएगी,

मैया आएगी,

ओ मैया आएगी मेरी,

मैया आएगी,

खुशियों से झोली आज मेरी,

भर जाएगी मैया आएगी ॥

मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी,

मैया आएगी,

ओ मैया आएगी मेरी,

मैया आएगी,

खुशियों से झोली आज मेरी,

॥ दोहा ॥

भर जाएगी मैया आएगी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।