मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Shri Ganesh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे,

मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे

मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे,

मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे

गणपती बाप्पा मोरया,

अगले बरस तू जल्दी आ ॥

कितनी उम्मीदे बंध जाती है तुम से,

तुम जब आते हो,

अब के बरस देखे क्या दे जाते हो,

क्या ले जाते हो ॥

गणपती बाप्पा मोरया,

अगले बरस तू जल्दी आ ॥

अपने सब भक्तो का तुम को ध्यान रहे

मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे ॥

आना जाना जीवन है,

जो आया कैसे जाए ना,

खिलने से पहले ही लेकिन,

फूल कोई मुरझाये ना।

गणपती बाप्पा मोरया,

अगले बरस तू जल्दी आ,

न्याय अन्याय की कुछ पहचान रहे

मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे ॥

असुवन का कतरा कतरा,

सागर से भी है गहरा

इसमे डूब ना जाऊं मै,

तुम्हारी जय जय गाऊं में ॥

वरना अब जब आओगे,

तुम मुझको ना पाओगे

तुम को कितना दुःख होगा,

गणपती बाप्पा मोरया।

अपनी जान के बदले अपनी,

जान मै अर्पण करता हूँ,

आखरी दर्शन करता हूँ,

अब मै विसर्जन करता हुं,

गणपती बाप्पा मोरया,

अगले बरस तू जल्दी आ ॥

मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे,

मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे ॥

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सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे | Bhajan: Mere Man Mandir Me Tum Bhagwan Rahe Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।