मेरे गणनायक तुम आ जाओ

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shri Ganesh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

मेरी सखियाँ मुझसे पूछे है,

कब आएंगे गजमुख बोलो,

अब अष्ट विनायक आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

मन व्याकुल है तन डोले है,

हर साँस मेरी यही बोले है,

अब गौरी नंदन आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

गौरा के मन मन का तू गौरव,

शिव जी की अँखियों का तारा,

अब विघ्न विनाशक आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

तेरा मुख मंगल की मूरत है,

तेरा दर्श ही गणपति अमृत है,

कभी मुझ पे दया बरसा जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

मेरे मन में गणपति भक्ति रहे,

तेरी भक्ति ही दाता शक्ति रहे,

रंग ऐसा मुझपे चढ़ा जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

॥ दोहा ॥

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: मेरे गणनायक तुम आ जाओ | Bhajan: Mere Gannayak Tum Aa Jao Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।