मेरे गणराज आये है

संत सूरदास
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

वक्रतुण्ड महाकाय,

सूर्यकोटि समप्रभ:,

निर्विघ्नं कुरु मे देव,

सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

पूजा होती है आपकी,

हे सिद्धि के दाता सर्वदा,

जय हो आपकी।

आप घर आए मेरे,

हम पर कृपा हुई,

हम सब भक्तो की बप्पा,

दुनिया ही गुलशन हुई।

अपनी दया की दृष्टि से,

किरपा करो सब भक्तो पर,

सेवा करेंगे हम सभी,

आकर के तेरी चौखट पर ॥

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आये है,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

देव सरताज आए है,

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आए है ॥

नयन गंगा बहाकर के,

पखारों इनके चरणों को,

मेरे गणराया के संग संग,

मेरे गणराया के संग संग,

ये मूषकराज आए है,

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आए है ॥

कभी रीझे ना ये धन पे,

पुकारा हमने है मन से,

दुखो को दूर कर सबके,

दुखो को दूर कर सबके,

बचाने लाज आए है,

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आए है ॥

उमड़ आई मेरी अँखियाँ,

देखकर अपने बप्पा को,

हमारी बिगड़ी किस्मत को,

हमारी बिगड़ी किस्मत को,

बनाने आज आए है,

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आए है ॥

सजा दो घर को फूलों से,

मेरे गणराज आये है,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

देव सरताज आए है,

सजा दो घर को फूलों से,

॥ दोहा ॥

मेरे गणराज आए है ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: मेरे गणराज आये है | Bhajan: Mere Ganaraj Aaye Hai Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।