मेरे भोले की फ़ौज

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बम भोले बम बम बम,

इस सावन करेगी मौज,

मेरे भोले की फ़ौज

महादेव भोले भंडारी पूजे तुम को दुनिया सारी,

शिव शंकर त्रिपुरारी जटा जुट गंगा धारी,

काल काल महाकाल कहाये जय श्री महाकाल हम गाये.

तेरी भक्ति में खो जाए और न हम को कुछ भी भाये,

निकली कावड़ियों की टोली और बोले बम बम की बोली,

कैसे झूम रही है डोर मेरे भोले की फ़ौज,

तेरा नाम की लगन लगाईं तुझमे ही खो जाना है,

तेरे नाम की धुनि रमाई तुझमे ही रम जाना है,

हर हर बम बम गाउ मैं बस तुझमे ही खो जाऊ मैं,

रग रग में हो शम्भू मेरे बस तेरी ही हो जाऊ मैं,

जल लेके चले भगवा धारी आज मग्न है भोला भंडारी,

अमिरत का बरस रहा भोग मेरे भोले की फ़ौज,

जटा जुट शिव हर हर शम्भू,

भस्म तार शिव शंकर शम्भू तुम कैलाशी हो अविनाशी,

हो घट घट तुम बैठे काशी,

बस तेरे नाम का फेरा मैं तेरी हु तू मेरा है,

तेरी दया का मुझपे गेरा है तेरा श्मशान में डेरा है,

सुध बुध बिसिराये कावड़िया मेरे शिव की चले है रघुवरियाँ,

भगति का न कोई मोल मेरे भोले की फ़ौज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।